Friday, 1 September 2017

छोटे भाई को कुसंगति से बचने के लिए पत्र

छोटे भाई को कुसंगति से बचने के लिए पत्र 

छोटे भाई को कुसंगति से बचने के लिए पत्र
बी 3/14 
इंदिरापुरम 
गाज़ियाबाद 
प्रिय भाई सतीश ,

तुम्हारा पत्र मिला। जानकार प्रसन्नता हुई की तुम आंठवी कक्षा की परीक्षा में प्रथानश्रेणी से पास हो गए हो। इसके लिए तुम्हे हार्दिक बधाइयां देता हूँ और आशा करता हूँ की भविष्य में भी तुम इसी प्रकार सभी परीक्षाओं में सफल होते रहोगे। आगे नवीं और दशवीं कक्षा की पढाई और कठिन हो जायेगी। इसके लिए तुम्हे और अधिक परिश्रम की आवश्यकता होगी तथा भविष्य में अपने मित्रों का चयन भी काफी समझदारी से करना होगा क्योंकि कुसंगति से सभी कार्यों में व्यवधान आ जाता है। कुसंगति किसी को भी गर्त में ले जा सकती है। जिस प्रकार एक गन्दी मछली तालाब के सारे पानी को गन्दा कर देती है वैसे ही एक गन्दा मित्र जीवन की दिशा ही बदल देता है। अतः कुसंगति से बचने की आवश्यकता है। 
पुनः आठवीं कक्षा में उत्तीर्ण होने की बधाई ! किसी भी वास्तु की आवश्यकता होने पर लिखने में संकोच मत करना। माँ और पिताजी की ओर से आशीर्वाद। 

दिनांक 25/08 /2017  
तुम्हारा प्रिय भाई आनंद 

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