डॉ अब्दुल कलाम पर निबंध और biography

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विषय : डॉ अब्दुल कलाम पर निबंध 
जन्म : 15 अक्टूबर 1931                            मृत्यु : 27 जुलाई 2015 

प्रस्तावना : डॉ अबुल पाकिर जैनुल आबेदीन अब्दुल कलाम, जिन्हे हम डॉ अब्दुल कलाम के नाम से भी जानते हैं, भारत के राष्ट्रपति रह चुके हैं। इनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम तमिलनाडु में हुआ था। इन्होने सैंट जोसफ से स्नातक किआ और बाद में मद्रास इंस्टिट्यूट से एयरो-इंजीनयरिंग की। उन्होंने 4 महीने तक नासा में भी काम किया। 1958 में इन्होने डी.आर.डी.ओ का कार्य भार सम्भाला और वहां 5 वर्ष तक कार्यरत रहे। 5 वर्ष बाद उन्होंने इसरो का कार्य भार सम्भाला। 


डॉ कलाम का जीवन परिचय biography  : डॉ  कलाम को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए समय-समय पर भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया जाता रहा है। 25 नवम्बर 1997 को भारतीय रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में विशेष योगदान देने के लिए डॉ कलाम को  सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न  सम्मानित किया गया। इसी प्रकार 1998 में राष्ट्रीय एकता के लिए उन्हें इंदिरा गांधी अवार्ड से सम्मानित किया गया। 25 नवम्बर 1999 को उन्हें भारत सरकार का वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त किया गया। सन 2001 तक वे इसी पद पर रहे। 25 जुलाई 2002 को उन्हें भारत का 12वा  राष्ट्रपति नियुक्त किया गया। डॉ  कलाम का कभी विवाह नहीं हुआ।  वे एक अच्छे कवी भी थे। 
                     अब्दुल कलाम का नाम भारत के शीर्ष वैज्ञानिकों के साथ लिया जाता है। प्रक्षपास्त्र और अंतरिक्ष के क्षत्र में भारत का नाम रौशन करने का श्रेय डॉ कलाम को ही जाता है। उन्हें भारत का मिसाइल मैन भी कहा जाता है। डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम दिखने एवं व्यवहार में साधारण और धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। सच्चे मुसलमान होने के नाते वह नियमित रूप से नमाज़ अदा करते थे साथ ही वह कृष्णा भक्त थे। 27 जुलाई 2015 को शिलांग में भारत के इस महान पुरुष और हम सब के चाचा कलम की मृत्यु हो गई। 

एक शांति प्रिय व्यक्ति : डॉ  कलाम सामान्तया एक शांति प्रिय व्यक्ति थे। उन्हें शास्त्रीय संगीत से लगाव था साथ ही वह तमिल भाषा में कवितायें भी लिखा करते थे। उन्हें वीणा बजाना एवं किताबें पढ़ने का शौक भी था। वह बड़ा ही सख्त जीवन व्यतीत करते थे। सन 2002 में वह स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपति नियुक्त किये गए। 

उपसंहार : डॉ अब्दुल कलाम एक ऐसे शांति प्रिय नेता और वैज्ञानिक है जिनका सभी सम्मान करते हैं। देश के राष्ट्रपति पद पर  भी उनकी सादगी में कोई भी परिवर्तन नहीं आया। वह मानवता और विनम्रता का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। उन्हें बच्चो से अत्यधिक लगाव था तथा वह हमेशा उन्हें सच्चे पथ पर बढ़ने की सलाह देते हैं। उनका व्यक्तित्व अत्यंत प्रभावशाली था परन्तु इसके बावजूद भी वह संविधान की मर्यादाओं और अराजनीतिक छवि के कारण वह राजनीति में कुछ ख़ास सफल नहीं हुए। राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने जो कुछ किया उससे कहीं अधिक उन्होंने एक वैज्ञानिक के रूप में किया , जिसका लाभ पूरे देश को मिला।  

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