Thursday, 14 September 2017

समय का सदुपयोग पर निबंध। Samay ka Sadupyog par Nibandh

समय का सदुपयोग पर निबंध। 

समय का सदुपयोग पर निबंध। Samay ka Sadupyog par Nibandh

वास्तव में समय एक बहुत हीअद्भुत चीज है। समय का न तो कोई आदि है और न ही कोई अंत है। सभी चीजें अपने निश्चित समय पर जन्म लेती, बड़ी होती और फिर ख़ास समय पर नष्ट हो जाती हैं। समय सदैव अपने ढंग से चलता रहता है। समय ही सबका संचालन करता है। समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता चाहे वह राजा हो या रानी। समय का विश्लेषण भी नहीं किया जा सकता है। हम व्यतीत समय व उसकी उपयोगिताओं को समझने के लिए सचेत हैं। हमने समय की रफ़्तार को देखने के लिए घड़ियों का भी निर्माण किया। हमने दिन, दिनांक और सालों को अपने हिसाब से मापने की योजना भी तैयार की परं वास्तव में समय एक अविभाज्य और अमापनीय चीज है। 

लोगों ने समय को ही सबसे बड़ा धन माना ? पर समय धन से भी अधिक कीमती है। खोया हुआ धन तो दोबारा पाया जा सकता है परन्तु एक बार जो समय बीत जाय वो वापस लौटकर नहीं आता। समय परिवर्तनशील है। परिवर्तन प्रकृति का नियम है। समय के परिवर्तन से कुछ भी मुक्त नहीं है। मनुष्य का जीवन क्षण-भंगुर होता है और कार्य ज्यादा और कठिन होते हैं। इसलिए हम अपने जीवन का एक भी मिनट बर्बाद नहीं कर सकते हैं। यहां तक की हर सांस, हर सेकेण्ड का भरपूर उपयोग किया जाना चाहिए। हमें विद्यालय सम्बन्धी कार्य, गृहकार्य, आराम करने का समय, मनोरंजन, व्यायाम इन सभी कार्यों को सही ढंग से योजनाबद्ध तरीके से करना चाहिए। 

हमें समय बरबाद नहीं करना चाहिए। वास्तव में कोई भी समय की खराब नहीं कर सकता। यह केवल हम ही हैं जी समय द्वारा बेकार कर दिए जाते हैं। समय की व्यवस्था होना बहुत जरुरी है। इतिहास के सभी महान लोगों ने अपने समय का एक-एक क्षण बहुत ही लाभदायक और व्यवस्थित तरीके से प्रयोग किया जिससे इतिहास में उनका नाम अमर हो गया। 

हमने महान आविष्कार किये हैं। आश्चर्यजनक चीजों की खोज की, तथा समय की धारा में अपने पदचिन्ह छोड़ दिए। वास्तव में खाली समय का भी सदुपयोग किया जा सकता है। खाली समय का उपयोग कुछ प्राप्त करने की चाहत व स्वस्थ अर्थपूर्ण रुचियों में किया जा सकता है। हम किताबें पढ़कर, संगीत सीखकर या कुछ और जरुरी काम करके समय बिता सकते हैं। बच्चों साथ खेलना, बगीचों में फूल लगाना या अपने खाली समय में कुछ भी करना सीख सकते हैं। समय को न तो रोका जा सकता है और न ही इस पर किसी का जोर चलता है और न ही समय को वापस लाया जा सकता है। समय शाश्वत एवं सर्वज्ञ है। इस प्रकार हमें समय का महत्त्व समझना चाहिए। अगर हम समय का सही उपयोग कर सकें तो समय ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। इसकी कोई सीमा नहीं है लेकिन व्यक्तिगत तौर पर यह बहुत सीमित है। 

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