Tuesday, 12 September 2017

पुलिस पर निबंध। Essay on Police in Hindi

पुलिस पर निबंध। Essay on Police in Hindi

पुलिस पर निबंध। Essay on Police in Hindi

 प्रत्येक देश तथा समाज के अपने क़ानून होते हैं। इनके बिना कोई समाज नहीं बन सकता। क़ानून व उसका पालन करने से ही समाज की नींव पड़ती है। कानून का पालन न करने से देश में अराजकता फ़ैल जाती है। क़ानून की व्यवस्था बनाये रखना बहुत जरुरी है। पुलिस क़ानून का पालन करने में मदद करती है। लोग क़ानून का पालन करते हैं परन्तु कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो क़ानून का पालन नहीं करते। वह क़ानून को तोड़ते हैं व नियमों का उल्लंघन करते हैं। ऐसे तत्त्व समाज विरोधी तत्त्व कहलाते हैं।

पुलिसवाले क़ानून के नियमों को तोड़ने वाले को पकड़कर दण्डित करते हैं। पुलिसवाले सभी स्थानों पर शांति की स्थिति को बनाये रखना चाहते हैं, वह यह नहीं चाहते की शांति भंग हो। पुलिसवालों के कारण ही लोग सुरक्षित और निडर होकर रह पाते हैं। इसलिए पुलिस वाला एक महत्वपूर्ण इंसान है और हम सभी को उसके कार्य की कदर करनी चाहिए। 

वह हमेशा वर्दी में रहते हैं। उनका कार्य बहुत ही लम्बा और कठिन होता है। उन्हें चोरों, गुंडों, जेब-कतरों, झपटमार तथा छेड़खानी करने वाले सभी लोगों पर नज़र रखनी पड़ती हैं। अपराधियों को पुलिस से बहुत दर लगता है। इनकी नियुक्ति पुलिस थानों व पुलिस चौकियों आदि जगहों पर होती है। इन्हे सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर देखा जा सकता है। वह विभिन्न क्षेत्रों में गश्त लगाते देखे जा सकते हैं। झगड़े के समय वह अपने डंडे का प्रयोग भी करते हैं। कई बार पुलिस वाले बन्दूक भी धारण करते हैं। वह घोड़े व जीप पर घुमते हैं। वह बारी-बारी से 24 घंटे नौकरी करते हैं। वह क़ानून के नियमों व आज्ञा की सुरक्षा करने वाले होते हैं। 

पुलिसवाले शांति व नियमों का पालन करने वाले नागरिकों के संरक्षक होते हैं।  में उन्हें बहुत सारे कर्तव्यों का पालन करना पड़ता है। उन्हें बहुत ही मजबूत, स्वस्थ, चतुर, ईमानदार एवं सतर्क होना चाहिए। कई बार पुलिस अपराधियों को संरक्षण देती है और बचाव करती है। यह एक खराब स्थिति है, यदि उसकी बेईमानी और धोखाधड़ी पकड़ी जाती है तो ऐसी स्थिति में उसे बुरी तरह दण्डित किया जाता है। उसे नौकरी से भी निकाला जा सकता है। कई बार तो ऐसे भ्रष्ट पुलिसवालों को जेल में भी दाल दिया जाता है। 

हमें ईमानदार, मेहनती, सत्यवादी, स्वस्थ व परिश्रमी पुलिसवालों की आवश्यकता है। उसके कन्धों पर देश की सुख-शांति,क़ानून की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। इसके आलावा  उसे अपने घर-परिवार की देखभाल भी करनी होती है परन्तु उसे वेतन बहुत काम मिलता है जो वास्तव में बहुत अनुचित है। उन्हें उचित वेतन व भत्ता दिया जाना चाहिए ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभा सकें और ईमानदारी न छोड़ें। 

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