Sunday, 12 February 2017

Best collection of Holi Poems ( होली कविता )

Best collection of holi poems in hindi


होली आई, होली आई,



होली आई, होली आई,
रंगों की ये बारिश लाई। 
बच्चों पर है मस्ती छाई,
मिलकर होली खेलो भाई।

होली है भई होली है.



होली है भई होली है,
बुरा न मानो होली है!
आऒ मिल के खुशियाँ मनाएं,
अपनों को हम रंग लगाएँ!
फूलों से हम खेलें होली,
बचत करें हम पानी की!
सब मिल कर जोर से गाएं,
बुरा न मानो होली है!
किसी को ना ठेस पहुचाएं,
नए नए पकवान खाएं और खिलाएं!

खुद भी रंग लगाएं
और दूसरों पर भी अबीर लगायें
टोली बना कर गाएं हम सब
बुरा न मानो होली है!


आया होली का त्यौहार


रंग -रंगीली मस्ती वाला,
आया है होली का त्यौहार.प्रेम भाव से इसे मनायें,न हो कोई भी तकरार.
रंग -बिरंगे इस पर्व पर..होता बिना किये श्रृंगार.नाचे गायेंग ढोल बजायें,हम बच्चों की टोली भरमार.
रंग लगायें एक दूजे को,करे प्रेम रस की बौछार,जाती -मजहब सब भूले आज,बड़ों को आदर , छोटो को दें प्यार.
रीत -प्रीत , गीत -मीत और,रंग उमंग तरंग उपहार,भेद भाव मिटाने दिल का,आता है होली का त्यौहार.




"एक बरस में, एक बार ही जगती होली की ज्वाला,
एक बार ही लगती बाज़ी, जलती दीपों की माला,
दुनियावालो, किन्तु, किसी दिन आ मदिरालय में देखो,

दिल की होली, रात दिवाली, रोज़ मनाती मधुशाला। "




SHARE THIS

Author:

Etiam at libero iaculis, mollis justo non, blandit augue. Vestibulum sit amet sodales est, a lacinia ex. Suspendisse vel enim sagittis, volutpat sem eget, condimentum sem.

0 comments: