Friday, 2 March 2018

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध। Essay on Vigyan ke Chamatkar in Hindi

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध। Essay on Vigyan ke Chamatkar in Hindi

Vigyan ke Chamatkar
जवाहरलाल नेहरु के अनुसार आज का जीवन विज्ञान की शाखाओं से शासित एवं प्रभावित है और बिना उनके अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती। कृषि¸ चिकित्सा¸ व्यापार¸ संचार-साधन¸ यातायात¸ उद्योग¸ प्रेस और जीवन के अन्य अनेक क्षेत्र उस विज्ञान के प्रति ऋणी हैं जिसने ‘फ्लाइंग कारपेट’ एवं ‘अल्लादीन के चिराग’ से भी अधिक चमत्कार किए हैं। अपनी चमत्कारिक उपलब्धियों के द्वारा संभावना की सीमा को विज्ञान ने इतना कम कर दिया है कि अब हम कोई भी एवं प्रत्येक चीज के संभव होने का विश्वास कर सकते हैं।

यातायात और संचार के तीव्र गति के साधन - विज्ञान ने रेलवे ट्रेनें¸  मोटर कारें¸ हवाई जहाज¸ और यातायात के अन्य साधनों का आविष्कार किया है जिन्होंने निसंदेह मानवीय सुख में वृद्धि की है। अब हम बहुत ही थोड़े समय में बहुत दूर के स्थानों एवं देशों की यात्रा कर सकते हैं। यातायात के तीव्र गति के साधनों द्वारा विश्व के विभिन्न भाग एक दूसरे से जुड़ गए हैं। इसके अतिरिक्त टेलीग्राफ¸ वायरलेस एवं टेलीफोन जैसे संवाद वाहन के साधनों ने भी हमारे जीवन में सुख सुविधा की वृद्धि की है। नवीन विकसित उपग्रह संचार की सुविधा और उससे उत्पन्न संचार विस्फोट ने समय एवं स्थान को और अधिक संकुचित कर दिया है जिससे पृथ्वी के एक हिस्से के लोग उसके दूसरे एवं दूर के हिस्से के लोगों से जुड़ गए हैं। इन सबसे लोगों के दृष्टिकोण का अंतर्राष्ट्रीयकरण हुआ है। इससे हमको एक नए सुख की प्राप्ति हुई है जिसकी अनुभूति हमें पहले कभी नहीं हुई थी। तार रहित सेल्यूलर टेलीफोन में तार रहित संचार व्यवस्था को नए आयाम दिए हैं। आज इंटरनेट के द्वारा हम घर बैठे देश विदेश की खबरें देख सकते हैं और उन्हें सुन सकते हैं¸ विदेश में बैठे किसी भी व्यक्ति को कुछ ही पल में ईमेल या सोशल नेटवर्किंग साइट्स के द्वारा अपना संदेश भेज सकते हैं। मोबाइल फोन को हम जेब में रखकर कहीं भी जा सकते हैं। मोबाइल फोन में ही टी.वी. का लुत्फ लेना हो¸ वेब ब्राउजिंग करनी हो यह सभी कुछ विज्ञान से ही संभव हो सका है।

विद्युत और भाप की शक्ति का आविष्कार - विद्युत के आविष्कार ने तो हमारे जीवन में क्रांति ला दी है। विद्युत घर में रात में प्रकाश करने में प्रयोग की जाती है। गर्मी में हम विद्युत के पंखे की हवा का सेवन करते हैं¸ इसके अतिरिक्त बिजली का प्रयोग खाना पकाने¸ कमरा गर्म करने¸ प्रेस करने¸ कपड़े साफ करने आदि अनेक घरेलू कार्यों में किया जाता है जिससे ग्रहणी का कार्य काफी आसान हो गया है। 

चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान  - चिकित्सा और सर्जरी के क्षेत्र में भी विज्ञान ने मानवीय सुख में वृद्धि की है। विज्ञान की खोजों ने चेचक¸ हैजा¸ प्लेग¸ तपेदिक¸ रेबीज¸ पोलियो और कैंसर जैसे घातक रोगों के विरुद्ध लड़ने में मानव की सहायता की है। चिकित्सा विज्ञान ने बहुत सी दवाओं के रहस्यों की खोजों के दरवाजे खोले हैं और मानवीय कष्ट का इलाज करने के लिए नित्य नई औषधियों की खोज की जा रही है। एक शरीर से दूसरे शरीर में अंग प्रत्यारोपण की आधुनिक तकनीकी लेजर के द्वारा अधिक सुरक्षित और तीव्र गति की सर्जरी¸ मानवीय शरीर के आंतरिक भागों की फोटोग्राफी और उनके द्वारा रोगों का सही निदान आदि ने मानव को अधिक अवधि तक जीवित रहने के द्वार खोले हैं। कैंसर और एड्स जैसी लाइलाज बीमारियों की चिकित्सा के लिए भी संभावनाएं खुल रही हैं। यद्यपि मृत्यु पर विजय प्राप्त नहीं की जा सकी है¸ किंतु समय से पूर्व मृत्यु के प्रति सचेत रहना संभव हो गया है। यह मानवीय सुख के लिए विज्ञान की देन है। 

कृषि के क्षेत्र में - वैज्ञानिक खोज एवं आविष्कारों ने कृषि के क्षेत्र में बहुत बड़े सुधार किए हैं और जमीन की उपज बढ़ाई है। ट्रैक्टर का आविष्कार हुआ और विज्ञान के इस यंत्र ने काफी हद तक अल्प उत्पादन की समस्या का समाधान कर दिया। कृषि के क्षेत्र में की गई वैज्ञानिक खोजों ने बीजों¸ पशु खाद्य और पौधों का बहुत सुधार कर दिया है। पौधों के बढ़ने के लिए नई तकनीकों के प्रयोग ने फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए एक नई आशा प्रदान की है।

मनोरंजन के क्षेत्र में - सिनेमा¸ रेडियो इंटरनेट एवं टेलीविजन मनोरंजन के लोकप्रिय साधन हैं। इसमें इंटरनेट को प्रमुख वरीयता दी गई है जिसके द्वारा हम सिनेमा के सभी साधनों का घर बैठे लाभ उठा सकते हैं। सिनेमा फिल्मों में गाने¸ सुंदर नृत्य और भारतीय अभिनय सिनेमा जाने वालों के आनंद में वृद्धि करते हैं। इंटरनेट के विकास ने हमारे मनोरंजन की सुविधाओं में क्रांति ला दी है। विज्ञान का एक और चमत्कार कंप्यूटर है जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसके सर्वव्यापी प्रयोग ने मानवीय सुख-सुविधाओं में नई सीमाओं की वृद्धि की है। 

अन्तरिक्ष के क्षेत्र में - अंतरिक्ष की खोज तथा इलेक्ट्रॉनिक्स आज के मानव ने अंतरिक्ष में काफी दखल प्राप्त कर लिया है। मनुष्य को साहसिक प्रवृत्ति एवं जोखिम उठाने की क्षमताओं के पूर्ण विकास के लिए नए क्षेत्र खुल गए हैं। इससे मौसम के विषय में सही भविष्यवाणी¸ जिससे की मौसम से संबंधित कामों में लगे लोगों को पूर्व चेतावनी मिल जाती है¸ के द्वारा हजारों प्राणों को बचाना संभव हो सका है जोकि इस ज्ञान के अभाव में समाप्त हो जाते। इस सबसे मानवीय सुख में निश्चय ही वृद्धि हुई है। बहुत ही गूढ़ तकनीक से युक्त एवं जटिल उपग्रहों और अंतरिक्ष विमानों के आविष्कारों से मनुष्य दूर अंतरिक्ष के बहुत से रहस्यों को सुलझाने में सफल हुआ है। मनुष्य कई बार चंद्रमा पर पहुंच चुका है और वीनस तथा मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यान पहुंचाने में भी समर्थ हुआ है। मंगल ग्रह की कई जानकारियां आज हमें विस्तृत रूप में उपलब्ध है¸ यह सब विज्ञान के कारण ही संभव हुआ है। निश्चय ही अंतरिक्ष की यात्रा मनुष्य के आश्चर्य और साहस की प्रवृत्ति में चार चांद लगाएंगे और उसके प्यासे दिल को अवर्णनीय प्रसन्नता प्रदान करेंगे। 

विज्ञान और मानवीय कष्ट - अब तक हमने देखा कि विज्ञान की खोजों एवं आविष्कारों ने मानवीय सुख में काफी वृद्धि की है किन्तु हमें तस्वीर की दूसरी ओर भी देखना चाहिए। विज्ञान मानव के बहुत से  दुखों एवं कष्टों के लिए भी उत्तरदायी है। आधुनिक युद्धों के लिए विज्ञान उत्तरदायी है। मशीनगन¸ विस्फोटक¸ जहरीली गैस¸ परमाणु हाइड्रोजन एवं न्यूट्रॉन बमों का विज्ञान के द्वारा मानव जाति को नष्ट करने के लिए आविष्कार किया गया है। लेजर किरणों का प्रयोग लोगों को निर्दयतापूर्वक मारने के लिए किया गया। ये आविष्कार हमारे शरीर में कंपकंपी पैदा करते हैं। बहुत अधिक औद्योगिकीकरण ने जो कि विज्ञान की ही देन है वातावरण के विकार की समस्या को जन्म दिया है। हवा¸ पानी और खाद्य पदार्थों के प्रदूषणीकरण से हमारे जीवन को बराबर खतरा बना है। स्लमों की समस्या विज्ञान की ही देन है। नगरीय आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से को मानवीय स्तर से निम्न जीवन जीवन जीने के लिए बाध्य होना पड़ता है जिसका कारण है तंग स्थानों में निवास जिसको औद्योगिकीकरण ने जन्म दिया है। 
मनुष्यों के जीवनों से आध्यात्मिकता की भावना समाप्त हो गई है और लोगों को पक्के भौतिकवाद ने अपनी पकड़ में जकड़ लिया है। इसके अतिरिक्त विज्ञान ने मनुष्य को स्वार्थी¸ लालची और ईर्ष्यालु बना दिया है। विज्ञान ने सबसे बड़ा नुकसान हमारा यह किया कि हमारे जीवन से शांति दूर हो गई है। इन सब के कारण हम निश्चित रूप से यह सोचने और विश्वास करने पर बाध्य हो गए हैं कि विज्ञान हमारे लिए वरदान नहीं¸ अभिशाप बन कर आया है।

उपसंहार - परंतु क्या विज्ञान हमारे कष्टों के लिए उत्तरदाई हैं? वास्तविकता यह है कि विज्ञान नहीं अपितु हम ही अपने सुख और दुख के लिए उत्तरदाई हैं। उदाहरण के लिए परमाणु शक्ति का प्रयोग ध्वसांत्मक एवं रचनात्मक दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। मानव के द्वारा विज्ञान का प्रयोग ही दुख और कष्ट को निर्धारित करता है। यदि विज्ञान का प्रयोग रचनात्मक कार्यों के लिए किया जाए तो यह मनुष्य के लिए बड़ी उच्च भेंट है मानवता के लिए दैवीय वरदान है।


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