Wednesday, 22 November 2017

Essay on My Family in Hindi for Class 1 2 3 4 5 6 7

Essay on My Family in Hindi for Class 1 2 3 4 5 6 7

Essay on My Family in Hindi for Class 1 2 3 4 5 6 7

घर परिवार-जैसा कोई दूसरा स्थान नहीं है। यह संसार में सुमधुरतम स्थान है। घर-परिवार का अर्थ है स्नेह एवं सुमधुर संबंध।

मकान एवं घर-परिवार में अन्तर होता है। मकान केवल ईंट-रेत और सीमेंट से निर्मित बेजान ढाँचा होता है। घर-परिवार एक ऐसा स्थान होता है जिसमें सुमधुर संबंधों रूपी आत्मा होती है। बहुधा लोग ईंट-गारो से बने घरों में रहते हैं। उनके पास घर-परिवार नहीं होते घर में रहने वालों में कोई प्यार लगाव नहीं होता।

घर –परिवार के सदस्य एक दूसरे का ख्याल रखते हैं उनमें आपस में स्नेह और संबंधों में घनिष्टता होती है। सौभाग्य से यह सभी कुछ हमारे घर-परिवार में है। मैं अपने घर-परिवार को अपने जीवन से भी प्रेम करता हूँ। जब मैं घर से दूर होता हूँ तो मुझे इसकी कमी खलती है। यही वह समय है- जब हम अपने घर-परिवार के महत्व को समझते हैं।

मेरे परिवार में मैं, मेरे माता-पिता एवं एक छोटी –सी सुन्दर-सी एवं प्यारी-सी छोटी बहिन है। मेरी दादी जी की मृत्यु पिछले वर्ष ही हुई थी। हम सभी उनको बहुत याद करते हैं। वह हमें हमेशा अच्छी-अच्छी कहानियाँ सुनाया करती थी। वह एक धार्मिक महिला थीं।
मेरे माता-पिता एक आदर्श दम्पती हैं उनके बीच बहुत गहरा प्यार है। वे हम दोनों  भी बहुत सनेह करते हैं। उनका यह प्रेम हमारे ले प्रसन्नता एवं आनंद का स्त्रोत है।

मेरी छोटी बहन बहुत ही प्यारी सुंदर एवं मधुर स्वभाव की है। वह मुझसे छह साल छोटी है। मैं उसके साथ खेलता हूँ और उसको अच्छी-अच्छी कहानियाँ सुनाता हूँ। वह बहुत-ही बुद्धमान है और सभी बातों को शीघ्र ही समझ लेती है। उसे कुछ नया सीखने की तीव्र लालसा रहती है। मैं अपने परिवार को लेकर गौरव व संतोष का अनुभव करता ह

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