Monday, 23 October 2017

हमारा राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध। Essay on National Flag in Hindi


हमारा राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध। Essay on National Flag in Hindi

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प्रत्येक देश का अपना विशिष्ट झंडा होता है। यह एक देश को विशिष्ट पहचान दिलाता है। यह देश की आजादी और प्रभुसत्ता एवं गर्व का प्रतीक है। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश अंग्रेजी शासन से स्वतंत्र हुआ। हमारा अपना राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान है। हमारे राष्ट्रध्वज का नाम तिरंगा है। मुझे अपने देश के राष्ट्रीय झंडे पर बहुत गर्व है। जब यह तिरंगा ऊँची इमारतों पर शान से लहराता है तब हम सभी का मन देशप्रेम की भावना से भर उठता है। 

हमारे राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास बहुत लम्बा और रुचिकर है। इस पर बहुत से सुन्दर गीत लिखे गए। यह हमारी आजादी का प्रतीक है। आजादी के लिए ही देश के स्वतंत्रता सेनानियों से अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया, बहुत से लोग इस संघर्ष में शहीद भी हो गए। परन्तु उन्होंने तिरंगे पर आंच नहीं आने दी। तिरंगा झंडा हमारे देश को एकता के सूत्र में बाँधने का भी काम करता है। प्रारम्भ में जब तिरंगे झंडे की कल्पना की गयी तब इसके केंद्र में अशोक चक्र नहीं होता था। केंद्र में अशोक चक्र की जगह गांधी जी का चरखा हुआ करता था परन्तु अंत में चरखे को हटाकर अशोक चक्र को स्थान दिया गया। यह न्याय, शान्ति व सम्प्रभुता का प्रतीक है। यह गहरे नीले रंग का होता है। इसमें चौबीस तीलियाँ होती हैं। यह चक्र धर्म और कर्तव्य का प्रतीक भी है। 

हमारे राष्ट्र-ध्वज में बराबर लम्बाई और चौड़ाई की तीन समानांतर पट्टियां होती हैं। यह तीनों पट्टियां अलग-अलग रंग की होती हैं, इसलिए इसे तिरंगा कहते हैं। यह आकार में आयताकार होता है।  तिरंगे झंडे में चौड़ाई और लम्बाई का अनुपात 2:3 का होता है। तीनों रंगों में सबसे ऊपर केसरिया रंग होता है जो शान्ति, साहस और धर्म का प्रतीक है। बीच में सफ़ेद रंग को पट्टी होती है जो त्याग का प्रतीक होती है। सबसे नीचे गहरे हरे रंग की पट्टी होती है जो हरियाली, कृषि और समृद्धि का प्रतीक होती है। 

हमें अपने राष्ट्र-ध्वज का सम्मान करना चाहिए। राष्ट्र-ध्वज का अपमान करना अपराध है। हमें अपने राष्ट्रीय पर्वों जैसे 26 जनवरी और 15 अगस्त आदि पर राष्ट्रीय झंडे को फहराकर अपनी आजादी को व्यक्त करना चाहिए। यह हमारे देश की आजादी का प्रतीक है। 

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