Tuesday, 21 March 2017

प्रदूषण पर निबंध

प्रदूषण का अर्थ - स्वच्छ वातावरण में ही जीवन का विकास संभव है। जब वातावरण में कुछ हानिकारक तत्व आ जाते हैं तो वे वातावरण को दूषित कर देतें हैं। यह गंदा वातावरण हमारे लिए अनेक प्रकार से हानिकारक होता है।  प्रकार वातावरण के दूषित हो जाने को ही प्रदूषण कहते हैं। औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप पैदा होने  कूड़े कचरे  के ढेर  पृथ्वी हवा तथा  प्रदूषित हो रहे है।

प्रदूषण के प्रकार - प्रदूषण  के कई प्रकार है जैसे

  1. वायु प्रदूषण 
  2. जल प्रदूषण 
  3. ध्वनि प्रदूषण 
  4. रेडियो धर्मी प्रदूषण 
  5. रासायनिक प्रदूषण 

वायु प्रदूषण  - वायु जीवन के लिए एक  स्रोत है। जब वायु में विषैली तथा हानिकारक गैसें जैसे  कार्बन मोनो ऑक्साइड आदि  वायु को प्रदूषित  है तो इसे ही वायु प्रदूषण कहते है। वायु प्रदूषण के बहुत से कारण है जैसे पेड़ों का काटा जाना ,फैक्ट्रियों  निकलने वाला धुआं ,वाहन  होने वाला  आदि। इससे हमें विभिन्न बीमारियां हो सकती हैं जैसे अस्थमा, एलर्जी ,सांस लेने में समस्या इत्यादि। अतः इसे रोकना अत्यंत आवश्यक है।


जल प्रदूषण - जल के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती है, जब यही जल बाहरी अशुद्धियों के कारण प्रदूषित  हो जाता है तो इसे जल प्रदूषण कहते हैं। बड़े बड़े नगरों के गंदे नाले सीवरों का पानी नदियों में प्रवाहित कर दिया जाता है  फिर यही जल हमारे शरीर  में प्रवेश करते है जिससे हमें हैजा टाइफाइड दस्त जैसी बीमारी हो जाती है। जल प्रदूषण विभिन्न कारण हैं जैसे गंगा जैसे पवित्र नदियों में शव प्रवाहित करना ,नदियों में नहाना ,उद्योगों से होने वाला रासायनिक कचरा जल में प्रवाहित किया जाना इत्यादि।

ध्वनि प्रदूषण - ध्वनि प्रदूषण एक नयी समस्या है। ध्वनि प्रदूषण से आशय वाहनों, मोटर साईकिलों ,डी  जे ,लाउडस्पीकर ,कारखानों  साइरन इत्यादि से होने वाले शोर से है। ध्वनि  हमारी सुनने के शक्ति का हास  होता है। कई बार इससे मानसिक तनाव  डिप्रेशन जैसी समस्याओ का भी सामना करना पड़ सकता है। अतः यह एक बहुत खतरनाक समस्या है जिसका निवारण किया जाना आवश्यक है।


रासायनिक प्रदूषण - कारखानों से बहते हुए अशुद्ध तत्वों के अलावा कृषि उपज में भी अनेक प्रकार के रासायनिक उर्वरक मिलाये जा रहे हैं व डी डी टी जैसे खतरनाक दवाइयों का प्रयोग किया जा रहा है।  स्वास्थ्य पैर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है , रासायनिक प्रदूषण कहते हैं।

रेडियोधर्मी प्रदूषण - परमाणु  परिक्षण निरंतर होते ही रहते हैं। इसके फलस्वरूप होने वाले प्रदूषण को रेडियोधर्मी प्रदूषण कहते है। यह बहुत ही घातक प्रदूषण होता है जिससे अनेक प्रकार के जीवन  क्षति होती है। दुसरे विश्वयुद्ध के समय हिरोशिमा  नागासाकी पर जो परमाणु बेम गिराए गए थे उनके गंभीर परिणाम आज भी देखे जा सकते हैं। 


प्रदूषण  रोकने के उपाय : प्रदूषण को निम्न उपायों  द्वारा रोका जा सकता है। 


  • कोयले जैसे ईंधन को त्यागकर सौर ऊर्जा जैसे विकल्पों को अपनाना चाहिए 
  • नदियों में कारखानों  गन्दा कचरा जाने  रोकना चाहिए। 
  • ज्यादा से ज्यादा वृक्ष और पेड़ लगाने चाहिए जिससे पर्यावरण का संरक्षण हो सके। 
  • घरों तथा फैक्टरियों  ऊँची चिमनियां बनानी चाहिए जिससे धुआँ ऊपर की ओर जाए। 
  • हानिकारक रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग  बचना चाहिए। 
  • रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना चाहिए। 
  • ऐसी कोई भी गतिविधि जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है उसका मिलकर विरोध करना चाहिए। 
  • बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा देनी चाहिए। प्रदूषण एक ऐसी गम्भीर समस्या है जिससे पूरा विश्व जूझ  है जिसके फलस्वरूप अनेक प्रकार की समस्याएँ जन्म ले रही है 

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