Thursday, 27 July 2017

10 lines about Bal Gangadhar Tilak in hindi

10 lines about Bal Gangadhar Tilak in hindi

10 lines about Bal Gangadhar Tilak in hindi

10 lines about Bal Gangadhar Tilak in hindi
  1. लोकमान्य तिलक भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारियों में से एक थे। 
  2. बाल गंगाधर तिलक का वास्तविक नाम केशव गंगाधर तिलक था। 
  3. इनका जन्म 23 जुलाई 1856 को महाराष्ट्र राज्य के रत्नागिरी जिले में हुआ। 
  4. इनकी माता का नाम पार्वती बाई  पिता का नाम गंगाधर पंत था जो एक शिक्षक थे। 
  5. पंद्रह वर्ष की आयु में ही इनका विवाह ताराबाई से हो गया। 
  6. बाल गंगाधर तिलक ने 1876 में बी ए उत्तीर्ण की तत्पश्चात इन्होने 1879 में क़ानून की पढ़ाई की।  
  7. इन्होने भारत को आज़ाद कराने के लिए बहुत संघर्ष  किया। 
  8. सन 1905 में इन्होने स्वदेशी आंदोलन शुरू किया और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर जोर दिया। 
  9. बाल गंगाधर तिलक 1890 में कांग्रेस से जुड़े, जिसमे ये गरम दल के प्रमुख नेता थे। 
  10. इन्होने मराठा दर्पण और केसरी नामक पत्रिकाओं का संपादन किया। 
  11. बाल गंगाधर तिलक ने ही महाराष्ट्र में गणपति महोत्सव  शिवाजी महोत्सव मनाने शुरुआत की। 
  12. इन्हे 6 वर्ष की काला पानी की जेल हुई। जिसके लिए इन्हे मांडले भेजा गया। 
  13. इन्होने सन 1916 ऐनी बेसेंट के साथ मिलकर पुणे में होम रूल लीग की स्थापना की। 
  14. इन्होने "स्वराज्य हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है" का नारा दिया। 
  15. 1 अगस्त 1920 को 64 वर्ष की आयु में इस वीर क्रान्तिकारी की मृत्यु हो गयी। 


Wednesday, 26 July 2017

10 lines about onam festival in hindi

10 lines about onam festival in hindi

10 lines about onam festival in hindi

10 lines about onam festival in hindi

ओणम केरल में मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार है। 
यह त्यौहार राजा बलि की याद में मनाया जाता है। 
प्रत्येक वर्ष श्रवण नक्षत्र में इस त्यौहार का आयोजन किया जाता है। 
श्रवण नक्षत्र को ही मलयालम भाषा में ओणम कहते हैं। 
इस दिन लोग अपने-अपने घरों में रंगोली बनाते हैं। 
बच्चों से लेकर बड़े तक सभी नए-नए वस्त्र धारण करते हैं। 
हाथी का जुलूस, नौका-दौड़ आदि विभिन्न प्रकार के आयोजन किये जाते हैं। 
घरों में स्वादिष्ट पकवान बनाये जाते हैं। 
यह उत्सव कई दिनों तक मनाया जाता है। 
माना जाता है की इस दिन राजा बलि अपनी प्रजा को देखने आते हैं। 
इस उत्सव का सम्बन्ध विष्णु के वामन अवतार से भी है। 
इस दिन सभी लोग भगवान् विष्णु के साथ-साथ राजा बलि की पूजा करते हैं। 


Tuesday, 25 July 2017

10 lines about Zebra in Hindi

10 lines about Zebra in Hindi

10 lines about Zebra in Hindi

10 lines about Zebra in Hindi

  1. ज़ेबरा एक चौपाया जानवर है इसे चित्तीदार घोडा कहते हैं।
  2. इसके शरीर पर काले और सफ़ेद रंग की चित्तियाँ पायी जाती हैं।
  3. ज़ेबरा तीन प्रकार के होते हैं। मैदानी ज़ेबरा, ग्रेवी ज़ेबरा और पहाड़ी ज़ेबरा। 
  4. ज़ेबरा एक शाकाहारी जानवर है। ये पौधे, पत्ते, और विभिन्न प्रकार की घास खाते हैं। 
  5. इनकी उम्र लगभग 25 साल तक की होती है। 
  6. जेबरा बहुत ही सामजिक जानवर होता है परन्तु ये पालतू नहीं होता है
  7. वे समूह में रहते हैं उनके समूहों को 'हरेम' कहा जाता है। 
  8. ये लगभग 8 फ़ीट लम्बे और 4 से 5 फ़ीट ऊँचे होते हैं। 
  9. एक ज़ेबरा लगभग 200 से 450 किलोग्राम तक का हो सकता हैं।
  10. ज़ेबरा सोते समय बाकी जानवरो की तरह लेटते नहीं बल्कि खड़े रहते हैं। 
  11. मुझे ज़ेबरा बहुत पसंद है क्योंकि यह एक अद्भुत जानवर है। 


10 lines on Wrist Watch in Hindi

10 lines on Wrist Watch in Hindi

10 lines on Wrist Watch in Hindi

10 lines on Wrist Watch in Hindi

  1. मेरे पास एक बहुत ही प्यारी रिस्ट वॉच (wrist-watch) है। 
  2. इसे मेरे चाचा ने पिछले वर्ष जन्मदिन के उपहार के रूप में दिया था। 
  3. यह वॉच जापान में बनी है। इसका डॉयल चौकोर है। 
  4. यह समय तो दिखाती ही है साथ ही साथ दिन व तारीख भी दिखाती है।
  5. इसमें तीन सुइयां हैं एक घंटे की, दूसरी मिनट की और तीसरी सेकेण्ड की। 
  6. इसका डॉयल भी बहुत सुन्दर हैं। जिसका कवर स्टील का बना है।
  7. इसका पट्टा चमड़े का है जिसे बाँधने में बहुत आसानी होती है।
  8. इसकी वजह से मै समय का बहुत पाबन्द हो गया हूँ। मेरी आदतों में भी सुधार हुआ है।
  9. जब से ये मुझे मिली है, मै कभी भी स्कूल में लेते नहीं हुआ। 
  10. मेरी घडी मुझे बहुत प्रिय है क्योंकि ये मुझे मेरे चाचा की याद दिलाती है। 

Monday, 24 July 2017

10 lines on diwali in hindi

10 lines on diwali in hindi

10 lines on diwali in hindi

  1. दिवाली भारत का एक प्रमुख त्यौहार है। इसे प्रकाश के पर्व के रूप में भी जाना जाता है। 
  2. दिवाली के दिन भारत में राष्ट्रिय छुट्टी होती है। यह पांच दिनों का त्यौहार है। 
  3. इस दिन भगवान् राम रावण का नाश करके लंका से अयोध्या वापस लौटे थे। 
  4. दीपावली के दिन लोग अपने घरों को दीयों के रौशनी से सजाते हैं और अच्छे स्वास्थ्य ,बुद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। 
  5. इस दिन सभी अपने घरों को साफ़ करते हैं। सभी अपने-अपने घरों में चावल से रंगोली बनाते हैं। 
  6. दीपावली को सभी लोग नए कपडे खरीदते है ,बच्चे पटाखे छुड़ाते है। और एक दुसरे को बधाई देते हैं। 
  7. इस दिन सभी धन की देवी लक्ष्मी से धन-धान्य व खुशहाली की कामना करते हैं। 
  8. दीपावली का त्यौहार बुराई पर अच्छी की विजय का प्रतीक है। 
  9. इस त्यौहार को हिन्दू, मुस्लिम ,सिख और ईसाई सभी मिलकर मनाते हैं। 
  10. दीवाली भारत का एक राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक पर्व है। 
10 lines on my best friend in hindi

10 lines on my best friend in hindi

10 lines on my best friend in hindi

10 lines on my best friend in hindi

  1. मेरे बेस्ट फ्रेंड का नाम सुरेश है। वह मेरी कक्षा में ही पढता है।
  2. हम दोनों बचपन से ही दोस्त है। उसका घर मेरे घर के पास ही है। 
  3. उसे क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है। वह हमारी टीम का कप्तान है। 
  4. खेलकूद के साथ-साथ वह पढाई में भी बहुत अच्छा है। 
  5. वह दिखने में गोरा है तथा बहुत ही बुद्धिमान है। 
  6. वह बहुत मनोरंजक और हंसमुख  प्रकृति का का है। 
  7. वह बड़ो का सम्मान करता है व सदैव दूसरों की मदद करता है।
  8. उसकी इन्ही खूबियों के कारण सभी उसे बहुत पसंद करते है। 
  9. हम रोज साथ-साथ स्कूल जाते है। व छुट्टी में साथ ही आते है। 
  10. मुझे गर्व है मै उसका बेस्ट फ्रेंड हूँ। मै कामना करता हूँ की हमारी दोस्ती ऐसे ही बनी रहे। 

Sunday, 23 July 2017

Essay on Sparrow in Hindi

Essay on Sparrow in Hindi

Essay on Sparrow in Hindi : गौरैया पर निबंध 

Essay on Sparrow in Hindi

गौरैया आकार में एक छोटा पक्षी है जो दुनिया भर में पाया जाता है। यह बहुत ही फुर्तीला पक्षी होता है जिसका शरीर, भूरे, काले का होता है। यह एक सर्वाहारी पक्षी है जो बीज, जामुन, फल ​​और कीड़े आदि सब-कुछ खाता है। इसका जीवन काल 4-7 साल है। गौरैया बहुत सामाजिक पक्षी होती हैं। वे आमतौर पर छतों, पुलों और पेड़ के खोखले में अपने घोंसले का निर्माण करते हैं। शहरों में तो ये इंसानों के घरों में ही अपना घोसला बना लेते हैं। गौरैया आमतौर पर प्रति घंटे 24 मील प्रति घंटे की गति से उड़ते हैं। 
नर गौरैया और मादा गौरैया दिखने में अलग होते हैं। नर गौरैया की आँखों के पास काला धब्बा पाया जाता है जबकि मादा में नहीं। नर गौरैया दिखने में ज्यादा आकर्षक होते हैं। परन्तु जैसे-जैसे हम पेड़-पौधों को काटते जा रहे हैं उससे गौरैया आज लुप्त होने की कगार पर पहुँच गयी है। अब घरों में न तो गौरैया दिखाई देती है और न ही उसकी चीं-चीं करती आवाज़। आज गौरैया पक्षी को बचाने के लिए तरह-तरह के आयोजन किये जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 20 मार्च को हर वर्ष पूरे विश्व में गौरैया दिवस मनाया जाता है। 
पहला विश्व स्पैरो दिवस 20 मार्च, 2010 को विश्व भर में मनाया गया था ताकि घर के गौरैया नाम के  को बचाया जा सके। आज गौरैया को बचाने के लिए लोग अपने-अपने घरों के बाहर लकड़ी के बने घोसले लगा रहे हैं। हमें भी इस कार्य में सहयोग करना चाहिए ताकि गौरैया को लुप्त होने से बचाया जा सके। 
10 lines on rainy season in hindi

10 lines on rainy season in hindi

10 lines on rainy season in hindi

10 lines on rainy season in hindi
  1. मुझे बरसात के मौसम की सबसे अधिक पसंद है।
  2. इसे मानसून के मौसम के रूप में भी जाना जाता है।
  3. यह चारों मौसम में मेरा पसंदीदा और सर्वश्रेष्ठ मौसम है।
  4. जून के महीने में बारिश का मौसम भारत में शुरू होता है,
  5. जब दक्षिण पश्चिम मानसून की हवाएं उड़ाने लगती हैं।
  6. मानसून जून के मध्य में शुरू होता है, और सितंबर तक जारी रहता है।
  7. वर्षा ऋतू में पेड़ पौधों में हरे पत्ते आते हैं और हरियाली छा जाती है।
  8. हिंदू कैलेंडर के अनुसार ये मौसम आषाढ़ और श्रावण के महीनों में महसूस होता है।
  9. वर्षा ऋतू में सभी अपने-अपने घरों से प्रायः रेनकोट और छाता लेकर निकलते हैं.
  10. सभी सूखे तालाब और पोखर बारिश के  भर जाते हैं।
  11. गरजते ,बरसते बादलो क़ो देखकर किसानों के मुख पर हँसी छा जाती है।
  12. मानसून के दौरान तापमान बहुत ही सुखद रहा है।
  13. वर्षा ऋतू हमें सूरज की गर्मी से राहत देती हैं 
  14. सभी जीवित चीजों को बरसात के पानी में गीला करके बरसात के मौसम का आनंद मिलता है।


10 lines on Akbar in Hindi

10 lines on Akbar in Hindi

10 lines on Akbar in Hindi

10 lines on Akbar in Hindi

  1. अकबर सभी मुग़ल सम्राटों में सबसे महान शासक था। परन्तु उसे पढ़ना-लिखना नहीं आता था। 
  2. अकबर की माता का नाम हमीदाबानू बेगम तथा पिता का नाम हुमायूं था ।
  3. जब अकबर गद्दी पर बैठा तब उसकी उम्र मात्र 13 वर्ष थी। 
  4. उसने पानीपत के द्वितीय युद्ध में हेमू को पराजित किया और दिल्ली पर अधिकार कर लिया। 
  5. अकबर सभी धर्मों का सम्मान करता था। उसने दीन-ए-इलाही नामक धर्म शुरू किया। 
  6. वह विद्वानों का बहुत सम्मान करता था। इसीलिए उसके दरबार में नवरत्न नियुक्त किये। 
  7. उसने लगभग संपूर्ण भारत को अपने युद्ध कौशल और कुशल नेतृत्व से जीत लिया। 
  8. अकबर का विवाह जोधाबाई से हुआ। उसके पुत्र का नाम जहांगीर था। 
  9. उसने फतेहपुर सीकरी, जोधाबाई का महल, पंचमहल, आगरे का किला आदि का निर्माण करवाया 
  10. अकबर ने सती प्रथा, बाल विवाह, मद्यपान जैसी कुरीतियों पर रोक लगाई। 
  11. 27 अक्‍टूबर 1605 ई ० को भारत के इस महान सम्राट की मृत्यु हो गई। 


Saturday, 22 July 2017

मोर पर निबंध essay on peacock in hindi

मोर पर निबंध essay on peacock in hindi

मोर पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4 के लिए

essay on peacock in hindi

मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। इनको मयूर भी कहा जाता हैं। मोर दिखने में बहुत ही आकर्षक होते हैं। ये भारत में लगभग सभी जगह पाए जाते हैं। मोर चमकीले हरे-नीले रंग के होते हैं। इनकी गर्दन नीले रंग की तथा बहुत ही लम्बी होती है। इसके पंख लंबे हैं व रंगीन होते हैं जिन पर हरे, नीले, पीले और सुनहरे रंगों के चांद जैसे स्पॉट होते हैं। इनके पैर बहुत लम्बे होते हैं। इनके सर पर एक कलगी होती है जिसके कारण इन्हें पक्षियों का राजा भी कहा जाता है। इनकी उम्र लगभग 10 से 25 वर्ष तक की होती है। इनके पंख बहुत ही बड़े होते हैं जिससे इनकी लम्बाई लगभग 1 मीटर से भी ज्यादा हो जाती हैं। मोर बादलों को बहुत पसंद करता है। यह बरसात के मौसम में नृत्य करता है। जब मोर नृत्य के लिए अपने पर फैलाता है, तो यह एक रंगीन पंखे की तरह दिखाई देती है। वहीँ दूसरी ओर मोरनी इतनी आकर्षक नहीं होती। यह आकार में मोर से छोटी होती है। मोरनी का रंग भूरा होता है। इसके पैर बदसूरत होते हैं। मोर अपने भोजन के लिए खाद्यान्नों और कीड़ों पर निर्भर रहता है। मयूर खेतों और बगीचों में पाए जाते हैं वे अनाज खाते हैं।  वे किसानों के दोस्त और कीड़े के दुश्मन हैं। मोर सांप का भी शिकार कर लेते हैं। 
मोर भारत के विभिन्न जगहों पर पाए जाते हैं जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान आदि। परन्तु आज मोर लुप्त होने की कगार पे हैं। एक ओर जहां इनकी सुंदरता के लिए इनको सराहा गया वहीँ दूसरी ओर  इनका शिकार भी  किया गया। मोर के संरक्षण के लिए सरकार ने विभिन्न नेशनल पार्क बनाये हैं परन्तु इनके संरक्षण के लिए अभी बहुत-कुछ किया जाना बाकी है। 

Friday, 21 July 2017

बंदर पर निबंध essay on monkey in hindi

बंदर पर निबंध essay on monkey in hindi

बंदर पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4 के लिए

बंदर पर निबंध

बंदर शरारती और बहुत बुद्धिमान जानवर है। ये नकल करने की कला में बहुत माहिर होते हैं। इसमें मनुष्यों की तरह भावनाएं पायी जाती हैं। एक सामान्य बन्दर लगभग 15 से 35 वर्ष तक जीता है। यह एक पारिवारिक जीव है जो झुण्ड में रहता है। इनके झुण्ड का एक मुखिया भी होता है। यह विभिन्न आकार-प्रकार व रंगों में पाए जाते हैं। बन्दर एक चौपाया जानवर होता है। यह अपने अगले पंजो का उपयोग हाथ की तरह करता है क्योंकि यह हाथ खाने, खेलने और उसके बच्चों की देखभाल करने के लिए है। बंदर के आहार में अखरोट, बेरी और फल शामिल हैं इसका पसंदीदा फल केले है। यह जंगल में रहता है और इसे एक पेड़ से दुसरे पेड़ तक कूदते रहना पसंद है। बन्दर को मनुष्य का सबसे करीबी रिश्तेदार भी माना जाता है। ऐसा माना जाता है की पहले मनुष्य भी ऐसा ही दिखता था। यह नक़ल उतारने की कला में बहुत ही माहिर होते हैं इसलिए इन्हें बड़ी ही आसानी से प्रशिक्षित किया जा सकता है। सड़क पर मदारी भी इसी प्रकार इन्हें प्रशिक्षित करके सबका मनोरंजन करते हैं। 
10 lines about raksha bandhan in hindi

10 lines about raksha bandhan in hindi

10 lines about raksha bandhan in hindi

10 lines about raksha bandhan in hindi

  1. रक्षाबंधन हुन्दुओं का एक एक प्रमुख त्यौहार है। 
  2. यह त्यौहार भाई-बहन के परस्पर प्रेम का प्रतीक है। 
  3. इस दिन बहिन भाईओं को एक रक्षा सूत्र बांधती है। 
  4. प्रत्येक भाई बहनों को हर स्थिति में रक्षा देने का वचन देते है 
  5. इस दी लोग अपने घरों को स्वच्छ रखते है 
  6. सभी घरों में स्वादिष्ट पकवान और मिष्ठान बनाये जाते हैं 
  7. पूजा के समय सभी भाई-बहन सुन्दर और नए वस्त्र पहनते हैं। 
  8. रक्षासूत्र बाँधने पर प्रायः भाई बहनों को उपहार देते हैं। 
  9. यह भारत के संस्कृति और परम्परा का एक प्रतीक है 
  10. इस त्यौहार को हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्म के लोग मिल कर बनाते हैं। 
रक्षाबंधन पर पत्र यहाँ देखें। 

Tuesday, 18 July 2017

वर्षा ऋतु पर निबंध Hindi Essay on Rainy Season

वर्षा ऋतु पर निबंध Hindi Essay on Rainy Season

वर्षा ऋतु पर निबंध - Hindi Essay on Rainy Season 

वर्षा ऋतु पर निबंध

प्रस्तावना : हमारा भारतवर्ष ऋतुओं का देश है। यहाँ पर प्रत्येक ऋतु अपनी प्राकृतिक शोभा के साथ आती। है अपने सौंदर्य के छठा को चरों और फैला देती है। यद्यपि सभी ऋतुओं की अपनी-अपनी विशेषताएं और महत्त्व है , किन्तु अपने मनोरम दृश्य तथा विविध उपयोगिता के कारण वर्षा ऋतु का अपना विशेष महत्त्व है।

वर्षा के पूर्व की दशा : वर्षा के आने से पूर्व ग्रीष्म की भयंकर गर्मी से धरती  तवे के समान तपने लगती है। ग्रीष्म की लपट भूमि -कण  कण को झुलसा देती है। पेड़-पौधे आदि  वनस्पतियां सूख जाती हैं। पशु-पक्षी भी व्याकुल होकर पानी के लिए तड़पने लगते हैं। भयंकर गर्मी से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है और  सभी लोग दुखी होकर अपनी तपन को को शांत करने के लिए वर्षा की प्रतीक्षा में आकाश की और दृस्टि लगाए रहते हैं।

वर्षा का वर्णन : आषाढ़ मॉस के प्रारम्भ होते ही आकाश में बादल दिखाई देने लगते हैं। दिनों-दिन आकाश मंडल में काले बादल छाते ही चले जाते है। और वर्षा की बूँदें धीरे-धीरे गिरने लगती है ,जिसको देखकर पशु-पक्षी आनंदित होकर क्रीड़ाएं करने लगते हैं।  वर्षा के पड़ते ही सारी पृथ्वी , आकाश और अंतरिक्ष का दृश्य  है। जैसे ही पृथ्वी पर बूँदें पड़ने लगती है वैसे ही पृथ्वी से अद्भुत भीनी-भीनी सुगंध उठने लगती है। वृक्षों में नया जीवन आ जाता है और वे हरे-भरे हो जाते हैं। पक्षी गण कलरव करने लगते हैं। इस प्रकार वर्षा के आगमन से  वातावरण ही बदल जाता हैं।

वर्षा का दृश्य : पृथ्वी को मनोरम और अलौकि रूप को देखकर बादल भी उसकी औ आकर्षित होकर प्रेमी नायक की भांति झुकते ही चले आते हैं। और रसमय होकर उसे सरस बना देतें हैं। महाकवि तुलसीदास को उनके नमन में नम्रता दिखलाई देती है  कि -
वरषहिं जल्द भूमि नियराये, जथा नवहिं बुध विद्या पाए। 
वर्षा काल में बादल आकाश में इधर-उधर दौड़ते हुए दिखाई देते हैं। वर्षा में स्त्रियां भी आनंदित होकर झूले के गीत और मल्हारों को जाती हुई बागों में झूला झूलते दिखाई देती हैं।  

वर्षा ऋतु से लाभ : वर्षा के आगमन से हमारा मन और शरीर प्रसन्न हो जाता है। वर्षा के अनेक लाभ हैं। वर्षा के बिना कृषि करना संभव नहीं है। वर्षा होने पर ही खेतों में अन्न उत्पन्न होता  है। वर्षा से धान आदि चारे की उत्पत्ति होती है और उससे उपयोगी पशुओं का पालन होता है। नदियों में जल आ जाने से सिंचाई के लिए जल की पूर्ती संभव हो पाती है। वर्षा से सूखे पेड़-पौधों में भी जीवन आ जाता है। और वे अपनी पूरी गति से बढ़ने लगते हैं। इस प्रकार वर्षा से ईधन और चारे की भी सुविधा रहती है। 

वर्षा ऋतु से हानि : एक और वर्षा का यह रूप इतना मनोरम और लाभदायक है तो इसका दूसरा रूप अति भयानक और संहारक भी है। अतिवृष्टि होने से नदी-नाले, तालाब अपनी सीमाओं को तोड़ देते हैं। चारों ओर जल ही जल दिखाई पड़ता है। बड़े-बड़े पेड़ पानी में बह जाते हैं। खड़ी हुई फसल बर्बाद हो जाती है। सैंकड़ों गाँव बाढ़ की चपेट में आकर अपना अस्तित्व खो बैठते हैं। सड़क, रेल-लाइनें और पुल सभी इससे क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। मनुष्य या पशु-पक्षी जो भी इसकी चपेट में आ जाता है उसका बस भगवान् ही मालिक है। बाढ़ से होने वाली अपार धन-जन की क्षति हमारे ह्रदय को दहला देती है। और इससे हैजा, मलेरिआ आदि अनेक रोग फैलने लगते हैं। 

उपसंहार : इतना सब-कुछ होने पर भी वर्षा हमारे लिए अत्यंत लाभदायक है। वर्षा के बिना किसी प्रकार के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। यह मन को आनंदित करती है और जीवन को प्राण देती है। ाटन वर्षा सभी ऋतुओं में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। 

निबंध पसंद आया हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में बताएं। 

Monday, 17 July 2017

पिता द्वारा पुत्र को समय के सदुपयोग पर पत्र

पिता द्वारा पुत्र को समय के सदुपयोग पर पत्र

पिता द्वारा पुत्र को समय के सदुपयोग पर पत्र

पिता द्वारा पुत्र को पत्र

प्रशांत
29/623
नोएडा ( उत्तर प्रदेश )
13 अगस्त 2017

प्रिय राहुल
बहुत-बहुत स्नेह !
                     आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होंगे। पिछले शनिवार को ही तुम्हारा पत्र मिला था। यह जानकार बहुत प्रसन्नता हुई की तुम्हारा मन छात्रावास में लग रहा है। कल तुम्हारे छात्रावास-अधीक्षक से बात हुई थी। पता चला की तुम इधर-उधर घूमने में बहुत रूचि लेते हो।
                      बेटे ! हमने तुम्हे छात्रावास में इस आशा और विश्वास के साथ भेजा है की तुम खूब ध्यान से पढोगे। जब से तुम्हारी माँ ने यह सुना है की तुम ठीक से पढ़ाई न करके मित्रों के साथ घुमते रहते हो, तब से वह बहुत अधिक चिंतित रहने लगी है। तुम अपनी माँ को जानते हो। वह बहुत अधिक चिंता करती है। तुम पढाई में मन लगाओ और माँ को पत्र लिखकर विशवास दिलाओ की तुम्हे पढ़ाई की पूरी चिंता है
तुम्हारा शुभचिंतक पिता
प्रशांत  
विशेषण और उसके भेद Adjective in Hindi

विशेषण और उसके भेद Adjective in Hindi

विशेषण और उसके भेद ( Adjective in Hindi )

Adjective in Hindi 
विशेषण: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं जैसे गुण, दोष, संख्या, परिमाण आदि। उन्हें विशेषण कहते हैं। मतलब कोई भी शब्द अगर किसी व्यक्ति या वस्तु या प्राणी की विशेषता बता रहा है तो उसे विशेषण कहा जाएगा। 

विशेष्य: जिन संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता बतायी जा रही हो उन्हें विशेष्य कहते हैं। 
जैसे- विद्वान् अध्यापक। यहाँ विद्वान शब्द अध्यापक की विशेषता बता रहा है इसलिए विद्वान् शब्द विशेषण हैं। दूसरी तरफ अगर हम देखें तो यहाँ विशेषता अध्यापक की बतायी जा रही है इसलिए अध्यापक विशेष्य है। 

विशेषण के भेद : विशेषण के मुख्यतः चार भेद बताये गए हैं। 

  1. गुणवाचक विशेषण 
  2. परिमाणवाचक विशेषण 
  3. संख्यावाचक विशेषण 
  4. सार्वनामिक विशेषण 
गुणवाचक विशेषण: वे विशेषण जो अपने विशेष्य (संज्ञा या सर्वनाम) के गुणों की विशेषता बताते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं। अब देखते हैं की गुणों से क्या मतलब हैं। गुण का मतलब जैसे किसी व्यक्ति का रूप, आकार, रंग, स्वाभाव, अवस्था आदि से है। ये कई प्रकार के होते हैं। नीचे उनके नाम दिए गए हैं। 
गुण बोधक, दोष बोधक, रंग बोधक, स्थान बोधक, आकार बोधक, दिशा बोधक, अवस्था बोधक, आयु बोधक, गंध बोधक आदि। जैसे: 
  • पुराना फर्नीचर बेच देना। 
  • चटपटा समोसा खाना चाहिए। 
  • ठंडा पानी पीना चाहिए। 
पहले वाक्य में पुराना दूसरे में चटपटा और तीसरे वाक्य में ठंडा शब्द गुणवाचक विशेषण हैं क्योंकि ये शब्द क्रमशः फर्नीचर, समोसा और पानी की विशेषता बता रहे हैं। 

परिमाणवाचक विशेषण : वे विशेषण जो अपने विशेष्य (संज्ञा या सर्वनाम) की मात्रा या परिमाण के विषय में ज्ञान कराएं, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। परिमाण या मात्रा से मतलब किसी वस्तु के वजन नापतौल आदि से हैं। ये मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं। 
1- निश्चित परिमाण वाचक : निश्चित परिमाणवाचक विशेषण किसी संज्ञा या सर्वनाम के निश्चित परिमाण का बोध करते हैं।  जैसे -
  • पांच किलो चावल खरीद लिया है। 
  • कोट के लिए तीन मीटर कपड़ा चाहिए। 
  • एक एकड़ जमीन खरीद लो। 
ऊपर दिए गए वाक्यों में पांच किलो, तीन मीटर और एक एकड़ परिमाण ( मात्रा या नापतौल) का बोध करा रहे हैं इसलिए ये सभी निश्चित परिमाणवाचक विशेषण हैं। 

2- अनिश्चित परिमाण वाचक  : जिन विशेषण शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम के निश्चित परिमाण का  हो उन्हें अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। जैसे -
  • चाय के लिए थोड़ी चीनी बचा लो। 
  • बहुत दिनों बाद मिले। 
  • कुछ आता और ले लो। 
  • मै ज्यादा मीठा नहीं खाता। 
ऊपर दिए गए वाक्यों में थोड़ी, बहुत, कुछ और ज्यादा आदि शब्दों  मात्रा का तो बोध हो रहा है पर यह नहीं पता चल पा रहा है की कितनी।  इसलिए ये सभी शब्द अनिश्चित परिमाण वाचक विशेषण हैं। 

संख्या वाचक विशेषण : जो विशेषण शब्द की प्राणी, व्यक्ति या वस्तु की संख्या से सम्बंधित विशेषता का बोध करते हैं उन्हें संख्या वाचक विशेषण कहते हैं। जैसे 
  • मंदिर में दो पुजारी हैं। 
  • कक्षा में पचास छात्र हैं। 
  • उसने तीन दर्जन आम खरीद लिए। 
  • अभिषेक दौड़ में प्रथम आया। 
इन सभी वाक्यों में दो, पचास, तीन दर्जन और प्रथम संख्या वाचक विशेषण हैं क्योंकि ये सभी क्रमशः पुजारी, छात्र, आम और अभिषेक की संख्या सम्बन्धी विशेषता बता रहे हैं। 

सार्वनामिक विशेषण : जो सर्वनाम अपने सार्वनामिक रूप में ही संज्ञा के विशेषण के रूप में प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। ये चार प्रकार के होते हैं। 

(1) संकेतवाचक या निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण : यह,वह इस,उस आदि संकेत वाचक या निश्चय वाचक सर्वनामों के उदहारण हैं। जब ये शब्द संज्ञा शब्दों की विशेषता बताते हैं तब निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण कहलाते हैं। जैसे :
  • इस उपन्यास को जरूर पढ़िए। 
  • उस कुर्सी को यहाँ ले आइये। 
  • वह लड़की वहां चली गयी। 
  • क्या यह कलम तुम्हारा है। 

(2)अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण: जहाँ अनिश्चयवाचक सर्वनाम - कोई और कुछ विशेषण के रूप में प्रयुक्त होते हैं। जैसे :
  • कोई कवि आया है। 
  • कुछ मित्र मेरे घर आने वाले हैं।  
(3) प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण : कौन, क्या, किस आदि शब्दों का प्रयोग विशेषण के रूप में होता है। जैसे : 
  • कौन सी साइकिल तुम्हे चाहिए ?
  • तुम्हे क्या पसंद है ?
  • कौन जा रहा है ?
  • किस अध्यापक से मिलने जाना है ?
(4) सम्बन्ध वाचक सार्वनामिक विशेषण :  सम्बन्ध सर्वनामों जैसे- मेरा, हमारा, तेरा, तुम्हारा, इसका, उसका, जिसका और उनका आदि का प्रयोग विशेषण के रूप में किया जाता है। जैसे:
  • मेरा भाई घर पहुँच गया है। 
  • उनकी कमीज बहुत सुन्दर है। 
  • तुम्हारा सूट सील गया है। 
  • जिसका फ़ुटबाल हो, आकर ले जाए। 
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