Monday, 9 April 2018

घोड़े पर निबंध। Essay on Horse in Hindi

घोड़े पर निबंध। Essay on Horse in Hindi 

Essay on Horse in Hindi
घोडा एक पालतू जानवर है। इसके चार पैर होते हैं। इसके पैर बहुत मजबूत होते हैं। इसके पैर के खुर आगे से फटे नहीं होते। इसके पैरों में नाल लगाईं जाती है। यह बहुत तेज दौड़ता है। इसकी एक लम्बी तथा घनी पूँछ होती है। इसके सर पर सींग नहीं पाए जाते। इसकी गर्दन पर लम्बे-लम्बे बाल होते हैं जो बहुत सुन्दर होते हैं।

घोडा कई रंगों का होता है। प्रायः ये सफ़ेद भूरे, काले रंगों के होते हैं। घोड़ों की कई जातियां होती हैं जिनमें अरबी घोड़े बहुत प्रसिद्द होते हैं। भारत के राजस्थान के मेवाड़ी नस्ल के घोड़े भी काफी प्रसिद्द होते हैं। माना जाता है की महाराणा प्रताप का घोडा चेतक भी इसी नस्ल का था।

यह एक स्वामिभक्त पशु होता है। यह अपने स्वामी को अच्छी प्रकार पहचानता है और संकट पड़ने पर अपने स्वामी की रक्षा करने के लिए अपनी जान पर भी खेल जाता है। महाराणा प्रताप का घोड़ा चेतक इस बात के लिए जगत प्रसिद्द है।

घोडा संसार के सभी भागों में पाया जाता है। घोडा हरी घास, चारा तथा चने का दाना खाता है। इसकी दो चमकदार और बाद-बड़ी आँखें होती हैं। घोडा सवारी के काम में आता है। इसका प्रयोग तांगा तथा बग्घी खींचने में किया जाता है। प्राचीन काल में राजा-महाराजा घोड़ों को अपनी सेनाओं में शामिल करते थे। सैनिक और घुड़सवारों की अपनी ही टुकड़ी होती थी। आजकल भी पुलिस तथा सेना में घोड़ों का प्रयोग किया जाता है। शादी-विवाह में भी दूल्हा घोड़ी में ही बैठ कर आता है। इसकी उपयोगिता इसी बात से पता चलती है की बद्र-बड़े महाराजा चक्रवर्ती बनने के लिए अश्वमेघ यज्ञ ही कराते थे। शिकार के लिए भी इनका प्रयोग किया जाता रहा है।



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