Saturday, 24 March 2018

कहानी लेखन सच्चे मित्र की पहचान

कहानी लेखन सच्चे मित्र की पहचान

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एक समय की बात है की दो घनिष्ठ मित्र इकठ्ठे कहीं यत्र पर जा रहे थे। जाते-जाते उनको एक जंगल से गुजरना पड़ा। जंगल में उनका एक रीछ से सामना हो गया। ज्यों ही उन्होंने रीछ को अपनी ओर आते हुए देखा तो उनमें से एक मित्र शीघ्रता से पास के पेड़ पर चढ़ गया और अपने आप को पत्तों में छुपा लिया। दूसरा मित्र अकेला नीचे रह गया। दूसरे मित्र को जब कुछ न सूझा तो वह जमीन पर लेट गया। लेटकर उसने अपनी सांस को इस प्रकार रोक लिया जैसे वह मर गया हो। थोड़ी देर में रीछ उस जमीन पर लेते हुए मित्र के पास पहुंचा। रीच ने उस आदमी को सूंघा और उसे मृत समझकर छोड़कर चला गया। जैसे ही रीछ दृष्टि से ओझल हो गया, ऊपर वाला आदमी नीचे आया। वह अपने मित्र के पास आया और उसने कहा की उठो, रीछ चला गया जब वह उठा तो ऊपर से आने वाले मित्र ने पुछा," मित्र बताओ की रीच ने तुम्हारे कानों ने क्या कहा था ?" दूसरे मित्र ने उत्तर दिया ,'ओह  उसने मुझसे बहुत काम की बात कहि हैं। उसने मुझसे कहा है की ऐसे मित्र के साथ यात्रा पर कभी मत जाओ जो तुम्हे खतरे में अकेला छोड़ जाए।
सच्चा मित्र वही है जो जरुरत पड़ने पर काम आये न की छोड़कर चला जाए। 

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