Wednesday, 7 February 2018

दो मित्रों के बीच वार्षिकोत्सव पर संवाद लेखन। samvad between two friends in hindi

दो मित्रों के बीच वार्षिकोत्सव पर संवाद लेखन

samvad between two friends in hindi

अर्जुन : हे अंकुर! आज तुम विद्यालय क्यों नहीं जा रहे हो ? समय तो हो गया है।
अंकुर : हे मित्र! आज दोपहर के बाद हमारे विद्यालय का वार्षिकोत्सव होना है। इसलिए मैं देर से जाउंगा। 
अर्जुन : आज तुम्हारे विद्यालय में उत्सव हैं तब तो वहां बड़ी रौनक होगी। उत्सव का प्रबंध कौन कर रहा है?
अंकुर : उत्सव के प्रबंध के लिए कुछ छात्र-छात्राएं तथा शिक्षक वहां उपस्थित हैं।
अर्जुन : अंकुर! क्या तुम प्रबंध (कार्य) में नहीं शामिल हो ?
अंकुर : नहीं। मैं तो बस विद्यालय का समारोह (उत्सव) व सजावट देखने के लिए जाऊँगा। 
अर्जुन : चलो मित्र ! हम दोनों चलते हैं। मुझे भी विद्यालय का समारोह देखना है।
(दोनों मित्र विद्यालय जाते हैं)
अंकुर : (विद्यालय पहुंचकर) यह हमारा विद्यालय है। यहाँ उत्सव की तैयारी में शिक्षकों के साथ अन्य कर्मचारी तथा कुछ छात्र-छात्राएं लगे हुए हैं। 
अर्जुन : ऐसा लगता है की समारोह प्रारम्भ होने वाला है। आज के सभाध्यक्ष कौन होंगे?
अंकुर : सभाध्यक्ष हमारे शिक्षा निदेशक होंगे। वे अभी आने वाले हैं। (शिक्षा निदेशक महोदय आ जाते हैं। तभी समारोह प्रारम्भ हो जाता है)
अर्जुन : हे मित्र ! आज उत्सव का कैसा कार्यक्रम है?
अंकुर : आज अनेक प्रकार का कार्यक्रम है। कुछ छात्र-छात्राएं गीत गायेंगे, कुछ अभिनय करेंगे तथा कुछ खेलों का प्रदर्शन करेंगे। फिर पुरस्कारों का वितरण होगा। अंत में सभाध्यक्ष का भाषण भी होगा।
अर्जुन : क्या सभापति तुम्हे भी पुरस्कार देंगे?
अंकुर : मैं वार्षिक परीक्षा में अपनी कक्षा में प्रथम आया था, मुझे भी पुरस्कार मिलेगा।
(थोड़ी देर बाद समारोह प्रारम्भ हो जाता है। दोनों दोस्त बैठ जाते हैं।)

SHARE THIS

Author:

Etiam at libero iaculis, mollis justo non, blandit augue. Vestibulum sit amet sodales est, a lacinia ex. Suspendisse vel enim sagittis, volutpat sem eget, condimentum sem.

0 comments: