Tuesday, 17 October 2017

शीत ऋतु पर निबंध। Essay on Winter Season in Hindi

शीत ऋतु पर निबंध। Essay on Winter Season in Hindi

शीत ऋतु पर निबंध। Essay on Winter Season in Hindi

सर्दी का मौसम भारतवर्ष में नवम्बर के महीने से लेकर जनवरी के अंत तक होता है। शीत ऋतु सभी ऋतुओं में सबसे ठंडी होती है। जनवरी के महीने में तो कभी-कभी तापमान 1 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। इस समय सर्दी अपनी चरम सीमा पर होती है। नवम्बर के महीने से ही ठंडी हवाएं चलनी प्रारम्भ हो जाती हैं। ठंडी से बचने के लिए लोग गर्म और ऊनी वस्त्र पहनते हैं व रात के रजाइयां व कम्बल ओढ़ते हैं। 

शीत ऋतू में मौसम बहुत अच्छा हो जाता है। सूरज की तपती हुई गर्मी से इस मौसम में राहत मिलती है। जब अधिक सर्दी पड़ती है तो स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां कर दी जातीं हैं। इस मौसम में लोग अधिक ऊर्जावान और क्रियाशील रहते हैं। यद्यपि दिर छोटे व रात लम्बी होती हैं, फिर भी लोग अधिक घंटे कार्य करते हैं परन्तु थकते नहीं। 

भारत में शीत ऋतू का हिमालय पर्वत से गहरा सम्बन्ध है। जब हिमालय पर्वत  बर्फ़बारी होती है और उत्तर दिशा की ओर से हवाएं चलना प्रारम्भ करती हैं तो भारत में शीत ऋतू का आगमन होता है। सुबह के समय अधिकतर कोहरा व पाला पड़ता है और कुछ भी देखना मुश्किल हो जाता है। कुछ भी दिखाई नहीं पड़ता, हवाई जहाज़ों की उड़ानें रद्द हो जाती हैं। इसी प्रकार ट्रेनें भी देर से चलने लगती हैं। सड़कों पर यातायात का भी यही हाल होता है। देश के उत्तरी भाग में कड़ाके की ठण्ड पड़ती है। जगह-जगह लोग आग जलाकर उसको चारों ओर से घेरकर बैठे दिखाई पड़ते हैं। गरीब लोग लम्बी और कड़ाके की सर्दी से अधिक प्रभावित होते हैं। सुविधाएं न होने के कारण कई बार तो इनकी ठण्ड से मृत्यु भी हो जाती है। सर्दी व जुकाम जैसी समस्याएँ आम हो जाती हैं। 

यह गर्म भोजन, फल, मिठाई व स्वादिष्ट व्यंजनों का मौसम है। इस मौसम में चाय भी अन्य मौसमों की तुलना में अधिक पी जाती है। इस मौसम में सब्जियां भी अन्य मौसमों से अधिक आती हैं। कई प्रकार की सब्जियां बाजारों में देखी जाती हैं जैसे फूलगोभी, गाजर, सिंघाड़ा, मेथी व मूली आदि। क्रिसमस व नए साल का त्यौहार भी सर्दी के मौसम में ही मनाया जाता है। 

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