Friday, 27 October 2017

कंप्यूटर पर निबंध। Essay on Computer in Hindi

कंप्यूटर पर निबंध। Essay on Computer in Hindi

Essay on Computer in Hindi

प्रस्तावना : 20वीं सदी में कम्प्यूटर के क्षेत्र में आयी क्रान्ति के कारण ही प्रत्येक क्षेत्र का कम्प्यूटरीकरण हो पाया है। कम्प्यूटर सन 1937 में अस्तित्व में आया था। चार्ल्स बैबेज को कम्प्यूटर का जनक कहा जाता है। शुरूआती वर्षों में आई. बी. एम. का कम्प्यूटर निर्माण के क्षेत्र में एकाधिकार था। आई. बी. एम्. ने इसे गणना करने वाला यंत्र घोषित किया था। पहले ये बड़े-बड़े संगठनों में ही देखे जाते थे लेकिन आज घर-घर में कम्प्यूटर होना एक आम बात हो गयी है। 

कम्प्यूटर की पीढ़ियां : कम्प्यूटर की कुल पांच पीढ़ियां है। वर्तमान में जो पीढ़ी हम आमतौर पर प्रयोग करते हैं वह चौथी पीढ़ी के कम्प्यूटर हैं। पांचवी पीढ़ी के जो कम्प्यूटर विकसित किये जा रहे हैं उनमें स्वयं निर्णय लेने की क्षमता का विकास किया जा रहा है। हम जो कम्प्यूटर अपने घरों में प्रयोग करते हैं वे मुख्यतः सूचनाएं एकत्रित करते हैं। कम्प्यूटर मानव मस्तिष्क की तुलना में करोड़ों गुना तेज होता है। मानव मस्तिष्क समय लेता है जबकि कम्प्यूटर माइक्रो सेकेण्ड में सूचनाओं का आदान-प्रदान करता है। 

कम्प्यूटर के कार्य : कम्प्यूटर का मुख्य कार्य तो सूचनाओं को सहेजना और साझा करना ही है परन्तु आज कम्प्यूटर की सहायता से की जटिल कार्य भी किये जाते हैं। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने और खेल प्रतिस्पर्धाओं का संचालन करने के लिए इनकी बायोमैकेनिक्स विधि का प्रयोग किया जाता है। बड़ी-बड़ी कंपनियों में उत्पादन का कार्य भी कम्प्यूटरीकृत रोबोटों द्वारा किया जा रहा हैं। सेना के क्षेत्र में कई ऐसे कार्य जो मानव नहीं कर सकता वहां मानवरहित ड्रोन भेजे जाते है यहाँ तक की चिकित्सा के क्षेत्र में भी रोगों का पता लगाने के लिए भी कम्प्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है। 

कम्प्यूटर के उपयोग : भारत में, अनेक शहरों में कम्प्यूटरीकृत रेलवे आरक्षण प्रणाली आरम्भ कर दी गई है। इंटरनेट का भी भारत में तेजी से विकास हुआ है जिससे संचार के क्षेत्र में क्रान्ति आ गयी है। कम्प्यूटर ने लोगों को एक-दुसरे से जोड़ने का कार्य किया है। शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी परिवर्तन हुए हैं, आज हम कम्प्यूटर की मदद से घर बैठे ही किसी भी विषय की शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। 

उपसंहार : कम्प्यूटर चाहे कितना भी विकसित हो जाए लेकिन वह मानव मस्तिष्क से तेज नहीं माना जा सकता है क्योंकि इसका आविष्कार मानव ने ही किया है। कम्प्यूटर के जहां कई लाभ हैं तो हानियाँ भी हैं। कम्प्यूटर के अधिक प्रयोग से आँखें तो कमजोर होती ही हैं साथ ही हमारी सोचने-समझने की क्षमता भी प्रभावित होती है। अतः कम्पुटक का उतना ही प्रयोग करना चाहिए जितना आवश्यक हो। 

SHARE THIS

Author:

Etiam at libero iaculis, mollis justo non, blandit augue. Vestibulum sit amet sodales est, a lacinia ex. Suspendisse vel enim sagittis, volutpat sem eget, condimentum sem.

1 comment:

  1. I found this article very interesting and also very knowledge providing as well. This has clearly mentioned all the positive and negative points regarding computers based on our personal usage means how we use these. It is a boon to the society till we are using it for the betterment and welfare of the society.

    ReplyDelete