Sunday, 16 April 2017

एक गिलास दूध hindi motivational story

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एक बार की बात है,एक बहुत गरीब लड़का था जो एक दरवाजे से दुसरे दरवाजे चीजें बेचकर अपनी जीविका चलाया करता था। इसी पैसे से वह अपने स्कूल की पढाई  के खर्च का पैसे कमाता था।

एक दिन ,हमेशा की तरह वह दरवाजे-दरवाजे सामान बेचने निकला। तभी उसे बहुत कमजोरी और भूख महसूस हुई। उसे लगा के अब उससे एक कदम भी चला न जाएगा। उसने किसी घर का दरवाजा खटखटाकर भोजन मांगने का निर्णय लिया। जैसे ही उसने एक घर का दरवाजा खटखटाया , एक खूबसूरत लड़की ने दरवाजा खोला। हिचकिचाते हुसे उसने लड़की से एक गिलास पानी माँगा।

वह नौजवान लड़की उसकी स्थिति देखते ही समझ गई ,लड़की को उस पर दया आई। उसने लड़के को दूध से भरा जग दिया। लड़के ने धीरे धीरे सारा दूध पी लिया। 
“दूध के कितने पैसे हुए ?” लड़के ने पुछा 
लड़की ने उत्तर दिया , “मुझे इसके पैसे  चाहिए। ”
लड़के ने उसे दिल से धन्यवाद दिया और अपने घर वापस लौट गया। 
समय बीतता गया और अपनी युवावस्था में वह लड़की एक गंभीर प्रकार की मानसिक बीमारी से ग्रस्त हो गई। एक से एक अनुभवी डॉक्टर और विशेषज्ञ भी चकरा गए और उसकी बीमारी का कारण ना समझ सके। और उसे सबसे उन्नत सुविधाओं से युक्त शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

डॉ। केविन, एक प्रसिद्ध न्यूरो विशेषज्ञ को अस्पताल द्वारा उसकी जांच करने के लिए बुलाया गया था। एक बहुत ही अनुभवी डॉक्टर होने के बाद भी केविन ने उस लड़की का इलाज करने में कठिनाई महसूस की। फिर भी अपनी महीनों के कठिन परिश्रम के बाद वह उस बीमारी पर काबू पाने में सफल हो गए। और आखिरकार उनकी दी गई दवाइयों और सावधानी से की गई देखभाल से वह लड़की पूरी तरह स्वस्थ्य हो गई। 

सभी ने डॉक्टर की प्रशंसा की, लेकिन लड़की काफी चिंतित थी कि अस्पताल का बिल कितना होगा। उसके परिवार के पास बैंक में सिर्फ थोड़ा सा पैसा था, जो उस प्रतिष्ठित अस्पताल में इतने लंबे इलाज के लिए भुगतान करने के लिए पर्याप्त नहीं था।

आखिरकार लड़की को हॉस्पिटल का बिल दिया गया जिसे उसने कांपते हाथों के साथ खोला। बिल खोलकर वह दांग रह गई। बिल पहले ही चुकाया जा चुका था। 

बिल के नीचे लिखा था बिल की कीमत उस एक गिलास दूध के बराबर है जो आपने सालों पहले ही चुका दी थी। नीचे डॉ केविन के हस्ताक्षर थे। 





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