Thursday, 2 February 2017

सर्वनाम और उसके भेद


हिन्दी व्याकरण- सर्वनाम और उसके भेद

सर्वनाम  -संज्ञा के स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें सर्वनाम कहते है|


सर्वनाम  का अर्थ  है -  सब  का  नाम संज्ञा जहाँ केवल उसी नाम का बोध कराती है, जिसका वह नाम है, वहाँ सर्वनाम से केवल एक के ही नाम का नहीं, सबके नाम का बोघ होता है।

जैसे - मैं, तू, तुम,आप (स्वयं), यह, वह, वे आदि।


हिंदी के मूल सर्वनाम 11 हैं, जैसे- मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ। प्रयोग की दृष्टि से सर्वनाम के छः प्रकार हैं-

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun)
  2. निजवाचक सर्वनाम (Reflexive Pronouns)
  3. निश्चयवाचक सर्वनाम (Demonstrative Pronouns)
  4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronouns)
  5. सम्बन्धवाचक सर्वनाम (Relative Pronouns)
  6. प्रश्नवाचक सर्वनाम (Interrogative Pronouns)

1. पुरुषवाचक सर्वनाम :जिस सर्वनाम का प्रयोग वक्ता या लेखक द्वारा स्वयं अपने लिए अथवा किसी अन्य के लिए किया जाता है, वह 'पुरुषवाचक सर्वनाम' कहलाता है। इसका प्रयोग व्यक्तिवाचक संज्ञा के स्थान पर किया जाता है|


पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद हैं :

1. उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम-   इन सर्वनाम का प्रयोग बात कहने या बोलने वाला अपने लिए करता है । यानी व्यक्ति के नाम के बदले आने वाले सर्वनाम को पुरुषवाचक सर्वनाम कहते है।

जैसे :- 1.मै काम कर रहा हूँ।
            2.हम लिखते हैं।
            3.मुझको खाना पसंद है।

2. मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम- जिस सर्वनाम का प्रयोग  बात सुनने वाले (श्रोता) के लिए किया जाता है । उसे मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।


जैसे - 1.तुम जाओ।
         2.तुम घर कब आओगे ?

3. अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम-  जिस सर्वनाम का प्रयोग श्रोता के अतिरिक्त किसी अन्य (तीसरे) के लिए उसे मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।


जैसे-  1.वह विद्यालय जाता है|
          2.उसने अपना कम नहीं किया 
          3.वह पढ़ता है।


2. निश्चयवाचक सर्वनाम--जो सर्वनाम किसी निश्चित व्यक्ति, वस्तु आदि की ओर निश्चयपूर्वक संकेत करें वे निश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। 

जैसे- ‘यह’, ‘वह’, ‘वे आदि।
1. वह हिन्दी की पुस्तक है।
2. ये हिरन हैं।
3.वह राम है।


3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम- जिन सर्वनाम शब्दों के द्वारा किसी निश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु का बोध न हो वे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। 

जैसे - मुझे कुछ नहीं मिला।
         दूध में कुछ पड़ा है ।
         बाहर कोई खड़ा है।
इन वाक्यों में कोई और कुछ शब्द अनिश्चयवाचक सर्वनाम हैं।

4. संबंधवाचक सर्वनाम- जिस सर्वनाम से वाक्य में किसी दूसरी संज्ञा या सर्वनाम से सम्बन्ध ज्ञात होता है उसे सम्बन्धवाचक सर्वनाम कहते हैं

जैसे--1 जैसा बोओगे वैसा काटोगे ।
        2.जो सोयेगा, सो खोयेगा; जो जागेगा, सो पावेगा।
        3.जहाँ चाह वहाँ राह ।


5. प्रश्नवाचक सर्वनाम-जिस सर्वनाम से किसी प्रश्र का बोध होता है उसे प्रश्रवाचक सर्वनाम कहते हैं। 

जैसे- क्या, कौन, कहाँ, कैसे आदि।
        वे कल कहाँ गए थे ।


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